Sunday, October 9, 2011

Hawa Hawa Lyrics


Hawa Hawa Lyrics

Hawa Hawa Eh Hawa, Khusbhoo Luta Day
Kahaan Khuli Haan Khuli, Zulf Bata Day
Ab Uska Bata Day, Zara Mujhko Bata Day
Main Usse Milon Ga, Ek Bar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Hawa Hawa Eh Hawa, Khusbhoo Luta Day
Kahaan Khuli Haan Khuli, Zulf Bata Day
Ab Uska Bata Day, Zara Mujhko Bata Day
Main Usse Milon Ga, Ek Bar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Phir Kisi Ke Chehray Ka Rang Khil Gaya
Bichra Huwa Aaj Koi Usko Mil Gaya
Phir Kisi Ke Chehray Ka Rang Khil Gaya
Bichra Huwa Aaj Koi Usko Mil Gaya
Kaise Mil Gaya, Kahan Mil Gaya
Humne Tho Dhoond Liya Sara Zamana
Hawa Hawa Eh Hawa, Khusbhoo Luta Day
Kahaan Khuli Haan Khuli, Zulf Bata Day
Ab Uska Bata Day, Zara Mujhko Bata Day
Main Usse Milon Ga, Ek Bar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Yeh Adaa Bhi Uski Kya Kaam Kar Gayi
Jaati Jaati Ek Haseen Shaam Kar Gayi
Yeh Adaa Bhi Uski Kya Kaam Kar Gayi
Jaati Jaati Ek Haseen Shaam Kar Gayi
Shaam Kar Gayi, Tere Naam Kar Gayi
Aise Haseen Chehray Ko Ab Na Bhulana
Hawa Hawa Eh Hawa, Khusbhoo Luta Day
Kahaan Khuli Haan Khuli, Zulf Bata Day
Ab Uska Bata Day, Zara Mujhko Bata Day
Main Usse Milon Ga, Ek Bar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Zindagi Ki Dhoop Ko Saaya Kar Gayi
Aaj Mere Paas Se Woh Guzar Gaye
Zindagi Ki Dhoop Ko Saaya Kar Gayi
Aaj Mere Paas Se Woh Guzar Gayi
Usne Jo Kaha, Tumne Bhi Suna
Yeh Baat Aur Kisi Ko Na Batana
Hawa Hawa Eh Hawa, Khusbhoo Luta Day
Kahaan Khuli Haan Khuli, Zulf Bata Day
Ab Uska Bata Day, Zara Mujhko Bata Day
Main Usse Milon Ga, Ek Bar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Hawa Hawa Eh Hawa, Khusbhoo Luta Day
Kahaan Khuli Haan Khuli, Zulf Bata Day
Ab Uska Bata Day, Zara Mujhko Bata Day
Main Usse Milon Ga, Ek Bar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day
Yaar Mila Day, Dildaar Mila Day

Saturday, October 1, 2011

satguru ki kirpa


izHkq dh jtk is iqjk ftudk bZeku gSa
mUghas ds fy, ftUnxh vklku gSa
tks Hkh ;s pkgrk gS] djrk ogh gSa
tks Hkh ;s djrk gSa] gksrk lgh gSa
tks dksbZ u le>s] bl jet dks]
oks uknku gSa

lrxq: ls tks Hkh f’kdok ;k fxyk djsxk
jgerksa ls viuh >ksyh dSls oks Hkjsxk
budk rks gla ns[kuk Hkh vglku gSa

esy fnyksa dh vkvks lkQ djk ys
vius xqukg lkjs ekQ djk ys
ekQ dj gh nsxk vkt nkrk esgjcku gSa

lerk gks jsuqdk gks ;k gks lqnh{kk
dHkh uk foosd ysuk] gSa izHkq ijh{kk
vkidh n;k gh cl gekjk xqtjku gSaa

izHkq dh jtk is] iqjk ftudk bZeku gSa
mUghas ds fy, ftUnxh vklku gSa A

विधवा बहू अनुकम्पा नियुक्ति की हकदार

विधवा बहू अनुकम्पा नियुक्ति की हकदार
 

जोधपुर। भारतीय समाज में बहू को भी बेटी के रूप में स्वीकार किया जाता है। "डॉटर-इन-लॉ" (बहू) शब्द का अर्थ यही है "इन-लॉज" (ससुराल वाले) उसे "डॉटर" (बेटी) के रूप में स्वीकार करते हैं। लिहाजा विधवा बेटी और बहू में फर्क नहीं किया जा सकता। बेटी और बहू के रिश्ते की व्याख्या करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने "मृत राज्य कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पात्मक नियुक्ति नियम-1996" के अंतर्गत एक विधवा बहू को ससुर के आश्रित के तौर पर सरकारी नौकरी पाने का हकदार माना।

न्यायाधीश गोविन्द माथुर ने पाली जिले की पिंकी के मामले में यह आदेश पारित किया। नियम 2(सी) के अन्तर्गत विधवा बहू के आश्रित की परिभाषा में नहीं आने की सरकार की दलील भी ठीक नहीं मानी। उन्होंने कहा, ये नियम उद्देश्य की व्याख्या साफ नहीं कर पा रहे हैं।

जबकि इनका मंतव्य राज्य कर्मचारी के परिवार की उन तकलीफों को कम करना है, जो इकलौते कमाऊ सदस्य (अर्निग मेम्बर) की मृत्यु के बाद परिवार को झेलनी पड़ती है।

लिहाजा नियमों की अभिव्यक्ति के लिए उन्होंने "पर्पसिव कंस्ट्रक्शन" और "पर्पसिव इंटरप्रिटेशन" के विधिक सिद्धांतों का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति नियम 5(1) में मृत राज्य कर्मचारी के आश्रितों में से किसी के पहले से सरकारी सेवा में होने पर नौकरी का लाभ नहीं दिया जाता, लेकिन विधवा बेटी को इससे मुक्त रखा गया है। यह माना जाना चाहिए कि कानून निर्माताओं ने विधवा बेटी पर उसके ससुराल वालों की जिम्मेदारी को ध्यान में रखकर ही उसे मुक्त रखा।

पति की मौत के बाद महिलाएं ससुराल में बेटी के रूप ही रहती हैं। लिहाजा नियम 2(सी) में उन्होंने विधवा बेटी के साथ विधवा बहू को भी शामिल मानते हुए पिंकी की याचिका स्वीकार कर ली। साथ ही उसे 14 अक्टूबर तक नियमानुसार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में नियुक्ति देने के आदेश दिए।

यह था मामला...
पाली जिले में जैतारण तहसील अन्तर्गत देरारामसर-गरनिया की पिंकी के पति रतनलाल, ससुर मोहनलाल सीरवी एवं ननद सीता की 24 मई 2008 को दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। दादी सास सुवादेवी (80), सास जिमिया (53) तथा मासूम बेटियों कृष्णा व रामप्यारी की जिम्मेदारी पिंकी पर आ पड़ी। ससुर मोहनलाल सरकारी सेवा में पशुधन सहायक थे।

लिहाजा पिंकी ने मृत राज्य कर्मचारी के आश्रित के तौर पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी मांगी, लेकिन राज्य सरकार ने विधवा बहू को इन नियमों में शामिल नहीं मान दावा खारिज कर दिया। विभाग का कहना था कि आश्रित के तौर पर केवल पति-पत्नी, बेटा, अविवाहित या विधवा बेटी तथा गोद ली हुई संतान को ही नौकरी दी जा सकती है।

jodhpur


झूमते रहे डांडिया की धुनों पर
 

जोधपुर। शाम ढलने के बाद सूर्यनगरी वासियों के कदम चौपासनी रोड स्थित शाही बाग की ओर मुड़ने लगे थे। वहां बिखरी थी गुजराती संस्कृति की छटा। रंग-बिरंगे परिधान पहने महिला-पुरूष और डांडिया की गुजराती धुनों पर उनके थिरकते कदम। अवसर था जोधपुर में शुक्रवार शाम राजस्थान पत्रिका की ओर से शाहीबाग में आयोजित तीन दिवसीय रजनीगंधा डांडिया महोत्सव 2011 का। कार्यक्रम का आगाज अतिथियों की ओर से देवी मां की आराधना के साथ हुआ। रंग-बिरंगी रोशनी में नहाए मंच से कार्यक्रम आगाज की घोषणा होते ही मंच के नीचे निर्घारित नृत्य स्थलों पर गुजराती संस्कृति के रंग बिखरना शुरू हो गए।

ये थे अतिथि
महापौर रामेश्वर दाधीच, विधायक कैलाश भंसाली, एसीबी उप महानिरीक्षक संजीव कुमार नार्जरी, सहकारी बाजार अध्यक्ष राहुल पाराशर, नगर निगम मार्केटिंग कमेटी अध्यक्ष रामसिंह सांजू, रजनीगंधा के अनुज अहलावत, सुशांत गौड़ एवं चन्द्रप्रकाश सोनी महोत्सव के अतिथि थे।

डांडिया ड्रेस ने लुभाया
जगदम्बे बोलो अम्बे.... की धुन पर रंग बिरंगी गुजराती डांडिया पोशाक पहने महिला-पुरूष सर्किल में झूमने लगे। डांडिया का उत्साह इतना कि युवक व युवतियों के साथ बच्चे भी डांडिया-गरबा नृत्य में पीछे नहीं रहे।

जयश्री सोनी होंगी आज की आकर्षण
राजस्थान पत्रिका के रजनीगंधा डांडिया महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार की खास आकर्षण होंगी टीवी धारावाहिक नियति की नायिका जयश्री सोनी।

कार्ड लाना न भूलें
महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को प्रवेश एंट्री कार्ड से ही दिया जाएगा। दो दिनों के लिए शुल्क 200 रूपए विद कपल रहेगा। प्रवेश के लिए एक महिला का होना जरूरी है। एंट्री कार्ड चैनल 24 न्यूज मानजी का हत्था पावटा स्थित पत्रिकायन में उपलब्ध हैं।

निर्मिती गु्रप के सुरों पर थिरके कदम
सोनी टीवी रियलिटी शो एक्स फैक्टर फेम निर्मिती गु्रप के सिंगर रंजना राजा, सिद्धार्थ मेनन, प्रनिल मोर और वियान फर्नाडीस ने जैसे ही गीत चोली के पीछे क्या है .....पेश किया तो लोग थिरकने लगे। शादी करा दो, डोली सजा दो....व मुन्नी बदनाम हुई गानों पर तो हर कोई झूमने पर मजबूर हो गया।

ये रहे विजेता
रजनीगंधा की ओर से बेस्ट डांसर का पुरस्कार विम्मी माहेश्वरी, बेस्ट फीमेल डेसेज का नीलू मेवाड़ा तथा बेस्ट मेल ड्रेसेज का पुरस्कार कुलदीप शाह को दिया गया। अंत में रजनीगंधा के अहलावत, गौड़ व सोनी ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। पत्रिका परिवार के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया।

इनका रहा सहयोग
महोत्सव के को-स्पांसर रॉक्सटोन तथा एसोसिएट स्पांसर नाइन ग्लोब इण्डस्ट्रीज का सहयोग रहा।

गुजराती संस्कृति की छटा
बड़ी संख्या में युवक व युवतियां गुजराती संस्कृति का परिचय देते परिधान पहने थे तो सर्किल में कुछ ऎसी भी महिलाएं थीं जो कि राजस्थानी वेशभूषा में डांडिया कर प्रतिभागियों का भरपूर सहयोग दे रही थी। कार्यक्रम का संचालन गोपेश कौशिक एवं चैनल 24 न्यूज की शिल्पा नेगी ने किया।